सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव से ठीक पहले सरकारों की ओर से 'फ्रीबीज' मुफ्त सुविधाओं की घोषणा करने की आलोचना की है। सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि यह चलन कब तक जारी रहेगा, चुनाव आते ही योजनाएं क्यों घोषित होती हैं? कोर्ट में 'फ्रीबीज' पर रोक के लिए 2022 में दायर याचिका पर अभी तक अंतिम सुनवाई नहीं हुई है। हाल में सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को उठाया गया था, जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इसपर मार्च में सुनवाई करेगा।

 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि शादी से पहले लड़का और लड़की बिल्कुल अजनबी होते हैं, इसलिए शादी से पहले फिजिकल रिलेशनशिप बनाने में उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए। शादी करने का झूठा वायदा करके शारीरिक संबंध बनाने की वजह से रेप की शिकायतों में तेज़ी से इज़ाफ़ा हो रहा है। इस समस्या को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शादी से पहले शारीरिक संबंध के बारे में नौजवानों को सावधान किया

 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि शादी से पहले लड़का और लड़की बिल्कुल अजनबी होते हैं, इसलिए शादी से पहले फिजिकल रिलेशनशिप बनाने में उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए।'

शादी करने का झूठा वायदा करके शारीरिक संबंध बनाने की वजह से रेप की शिकायतों में तेज़ी से इज़ाफ़ा हो रहा है। इस समस्या को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शादी से पहले शारीरिक संबंध के बारे में नौजवानों को सावधान किया।

शादी के झूठे वादे पर रेप के केस का सामना कर रहे एक शख्स की बेल पिटीशन पर सुनवाई करते हुए, जस्टिस बी वी नागरत्ना और उज्जल भुइयां ने सवाल उठाए कि जिस महिला की बात हो रही है, वह आरोपी युवक के साथ दुबई जाने के लिए कैसे मान गई, जहां दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह सहमति से होता है। हम पुराने जमाने के हो सकते हैं, लेकिन शादी से पहले लड़का और लड़की, आपस में बिल्कुल अजनबी होते हैं। उन्हें शादी से पहले फिजिकल रिलेशनशिप बनाने में सावधानी बरतनी चाहिए।'

जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि उनके रिश्ते में चाहे जो भी अच्छा-बुरा हो, हम यह नहीं समझ पाते कि वे शादी से पहले फिजिकल रिलेशनशिप कैसे बना सकते हैं... आपको बहुत सावधान रहना चाहिए; शादी से पहले किसी पर भी विश्वास नहीं करना चाहिए।

इस मामले में शिकायतकर्ता लड़की ने कहा था कि वह आरोपी युवक के कहने पर दुबई गई थी, जिसने शादी का झांसा देकर उसके साथ फिजिकल रिलेशन बनाए, और बाद में किसी और से शादी कर ली।

जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि इस तरह के मामले ट्रायल और सजा के लिए सही नहीं हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों से सेटलमेंट की संभावना तलाशने को कहा और उनके विचार जानने के लिए मामले की सुनवाई बुधवार तक टाल दी।

जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि अगर शिकायतकर्ता लड़की इस बारे में इतनी सख्त थी तो उसे शादी से पहले नहीं जाना चाहिए था। ये ऐसे मामले नहीं हैं जिनमें कोर्ट में ट्रायल किया जाए और सजा दी जाए , जबकि सहमति से रिश्ता हो।

 

सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के निर्माताओं को सख्त चेतावनी दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी समुदाय या वर्ग का अपमान करना स्वीकार नहीं है, चाहे वह सिनेमा का नाम हो या कंटेंट हो। ब्राह्मण संगठनों द्वारा नेटफ्लिक्स प्रोडक्शन वाली इस थ्रिलर पर विरोध जताने के बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है।

सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाते हुए फ़िल्म निर्माताओं से सफाई मांगी है, सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि विवादित नामों का इस्तेमाल अक्सर पब्लिसिटी के लिए किया जाता है, लेकिन यह स्वीकार्य नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर निर्माताओं और नेटफ्लिक्स से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी, जिसमें यह तय होगा कि फिल्म किस नाम से रिलीज़ होगी और क्या इसमें किसी वर्ग के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री है।

गौरतलब है कि इस फिल्म का टीजर गत 3 फरवरी को लॉन्च हुआ, जिसमें मनोज बाजपेयी भ्रष्ट पुलिसवाले ‘पंडित’ अजय दीक्षित बने हैं। लेकिन फिल्म के टाइटल पर ही हंगामा मच गया। लखनऊ में हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज होते नजर आया और प्रयागराज में परशुराम सेना का पुतला फूंका गया। वीएचपी ने इसे ब्राह्मणों पर हमला बताया।

दूसरी तरफ फिल्म निर्माता नीरज पांडे ने सफाई दी कि यह किसी जाति पर नहीं, बल्कि एक कमजोर इंसान की कहानी है, लेकिन विरोध नहीं रुका।

दिल्ली हाईकोर्ट पहले ही नाम बदलने की सहमति पर याचिका निपटा चुका था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि भावनाओं को ठेस पहुंचाना गलत है। अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर इसे जातिवादी करार दिया। अब मेकर्स पर फिल्म की रिलीज को लेकर दबाव बना हुआ है।

यह मामला फिल्म के शीर्षक को लेकर शुरू हुआ था, जिसमें ‘पंडत’ शब्द के इस्तेमाल पर विरोध दर्ज किया गया। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह नाम एक समुदाय को अपमानित करता है और समाज में गलत संदेश देता है।

 

सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव रेप केस में दोषी टी बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर को जमानत देने से मना कर दिया है। सेंगर ने दलील दी थी कि वह 10 साल की सजा में से 7 साल से अधिक की सजा काट चुका है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।

 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी मामले में सीबीआई और ईडी की जांच में देरी पर कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि आगे जांच में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी को कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना देश से बाहर जाने की मनाही की है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अनिल अंबानी के खिलाफ पहले ही लुकआउट सर्कुलर जारी किए जा चुके हैं।

 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने वॉट्सऐप-मेटा डेटा शेयरिंग मामले में कड़ा रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने नागरिकों की प्राइवेसी को लेकर वॉट्सऐप की पेरेंट कंपनी META से कड़े शब्दों में कहा कि नागरिकों की प्राइवेसी से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा, अगर कोई कंपनी देश के संविधान और कानून का पालन नहीं कर सकती तो उसके लिए विकल्प बहुत साफ़ है कि वह भारत से बाहर निकल जाए।

 

तलाक के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अलादतों को तलाक के ऐसे मामलों को लंबा नहीं खींचना चाहिए, जिसमें शादी सिर्फ कागज पर ही बची हो, क्योंकि इससे किसी भी पक्ष को फायदा नहीं होता।

 

सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस के मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है कि लोन के रूप में यदि किसी व्यक्ति को 20,000/- रुपये से अधिक की राशि नगद दी जाती है तो यह लेनदेन ग़ैरक़ानूनी नहीं है।

 

एयरलाइन कंपनी IndiGo के संकट और यात्रियों की परेशानी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है।इस याचिका का जिक्र एक वकील ने किया था, जिन्होंने कहा कि देश के 95 एयरपोर्ट पर 2500 फ्लाइट्स में देरी हुई है, और लोगों को इसकी वजह से काफी परेशानी हो रही है।

Go to top

Powered by Rajmangal Associates P. Ltd.