सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों की संख्या तीन हुई, जस्टिस बीवी नागरत्ना बनेगी देश की पहली महिला चीफ जस्टिस
- श्वेता रंजन
सुप्रीम कोर्ट में अब कुल 38 जजों की नियुक्ति हो सकती है जिनमें अभी चीफ जस्टिस सूर्यकांत सहित कुल 37 जज हैं। इनमें महिला जजों की संख्या दो से बढ़कर अब तीन हो गई है, जिनमें से सिर्फ एक महिला जज ही वरिष्ठता के आधार पर चीफ जस्टिस बनेगी, जो जस्टिस बीवी नागरत्ना हैं।
गुजरात हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल अब सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त हो चुकी हैं। जस्टिस सुनीता अग्रवाल से पहले सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस वी मोहना शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट के 76 साल के इतिहास में एक भी महिला चीफ जस्टिस नहीं हुई हैं। इस रेस में पहला नाम जस्टिस बीवी नागरत्ना का है, जो वरिष्ठता के आधार पर भारत की पहली महिला चीफ जस्टिस बनेगी।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत का कार्यकाल अगले साल 9 फरवरी को पूरा हो रहा है। उनके बाद सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जज जस्टिस विक्रम नाथ चीफ़ जस्टिस बनने की रेस में हैं, लेकिन उनका कार्यकाल छोटा होगा और वह 23 सितंबर 2027 को वे 65 साल के होकर रिटायर कर जाएंगे।
जस्टिस विक्रम नाथ के बाद जस्टिस बीवी नागरत्ना के रूप में देश को पहली महिला चीफ जस्टिस मिलेगी, हालांकि उनका कार्यकाल सिर्फ 36 दिन ही का होगा और वह 24 सितंबर 2027 से 29 अक्टूबर, 2027 तक ही इस पद पर रहेंगी।

