सुप्रीम कोर्ट ने जज को बाज़ार में बेचने के आरोपी वकील की लगाई फटकार
- श्वेता रंजन
सुप्रीम कोर्ट ने उस वकील को फटकार लगाई जिसने रिश्वतखोरी के नाम पर एक जज को खुले बाजार में बेचने की कोशिश की थी। सुप्रीम कोर्ट ने उस वकील की जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसने तलाक के एक मामले में पक्षकार के हक में आदेश दिलाने के लिए 30 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी जिसे गिरफ्तार कर लिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह वकील न्यायपालिका को बेच रहा था।
आरोपी वकील की पैरवी कर रहे वकील ने कोर्ट में दलील दी कि आरोपी वकील 70 वर्ष का है और गंभीर रोगों से ग्रसित है। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने आरोपी वकील के वकील से कहा कि 69 वर्ष की आयु में वह आरोपी वकील एक जज को खुलेआम बेच रहा है।कोर्ट ने यह भी कहा कि यह कोई साधारण जालसाजी का मामला नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर विचार करने को लेकर अपनी अनिच्छा दिखाई तो आरोपी के वकील ने याचिका को वापस ले लिया। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें आरोपी वकील को जमानत देने से इनकार कर दिया था।
सुनवाई के दौरान आरोपी वकील के वकील ने कहा कि आरोपी वकील को अगस्त 2025 में गिरफ्तार किया गया था और वह पिछले आठ महीने से हिरासत में है, साथ ही दलील दी कि मामले में अभी तक आरोप तय नहीं किए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि आरोपी वकील न्यायपालिका को बेच रहा था… हमें ऐसे लोगों के लिए कोई सहानुभूति नहीं है.’ वकील ने दलील दी कि याचिकाकर्ता 70 वर्ष का है और स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त है, कोर्ट ने कहा, ‘उनहत्तर वर्ष की आयु में वह एक न्यायाधीश को खुलेआम बेच रहा है.’ पीठ ने यह भी कहा कि यह कोई साधारण जालसाजी का मामला नहीं है, जब पीठ ने याचिका खारिज करने की बात कही, तो आरोपी के वकील ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी, कोर्ट ने उन्हें याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी।

