लखनऊ की पॉलोमी पाविनी शुक्ला को विख्यात पत्रिका "फेमिना" ने अपनी "Fab 40" सूची में शामिल कर सम्मानित किया

विख्यात पत्रिका "फेमिना" ने अपने नवीनतम संस्करण में वर्ष 2021 की 40 ऐसी महिलाओं की सूची जारी की है जिन्होंने अपने क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देते हुए लाखों लोगों को प्रेरित किया है जिसमें लखनऊ की पॉलोमी पाविनी शुक्ला भी शामिल की गई हैं।

सुप्रीम कोर्ट में फ़िज़िकल हियरिंग यानि मामलों की सुनवाई खुली अदालत में शुरू करने और वकीलों के सुनवाई में पेश होने की माँग को लेकर वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में प्रदर्शन किया, इसमें युवा वकीलों की संख्या अधिक रही जिन्होंने अपना दर्द सुनाया कि कोरोना के मद्देनज़र सुप्रीम कोर्ट में फ़िज़िकल हियरिंग शुरू न करने पर युवा वकीलों की आर्थिक स्थिति और ख़राब होती जा रही है, बेरोज़गारी लगातार बढ़ती जा रही है।

कृषि कानूनों के खिलाफ 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड में हुई हिंसा के दौरान बिगड़ी स्थिति को नियंत्रण करने और इंटेलिजेंस की विफलता का आरोप लगाते हुए दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक और जनहित याचिका दायिर की गई है। इस याचिका से पहले भी हाई कोर्ट में एक और जनहित याचिका दाखिल हो चुकी है जिसमें आंदोलन कर रहे किसानों को दिल्ली की सीमाओं से और स्थिति को नियंत्रित करने में विफल रहने के लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त को पद से हटाने की मांग की गई है। याचिका पर चीफ जस्टिस डीएन पटेल की बेंच शुक्रवार को सुनवाई करेगी।

दिल्ली हाईकोर्ट में गुरुवार को एक एनजीओ ‘दिल्ली सिटिजन फॉरम फॉर सिविल राइट’ ने यह याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा है कि गणतंत्र दिवस सभी देशवासियों के लिए गर्व का दिन होता है, लेकिन उस दिन हुई हिंसा से लोगों में भय व्याप्त हो गया। इस हिंसा के लिए गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस की विफलता को जिम्मेदार ठहराया गया है। याचिका में कहा गया है कि करीब दो माह से चल रहे किसानों के आंदोलन को दिल्ली पुलिस ने 25 जनवरी को एक हजार ट्रैक्टर को परेड की इजाजत दे दी थी, जबकि हर जगह यह खबर चल रही थी कि दिल्ली की सीमाओं पर 50 हजार से अधिक ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए आ चुके हैं। याचिका में कहा गया है कि 26 जनवरी की सुबह 7 बजे ही न्यूज चैनलों पर खबर आई गई थी कि किसानों के एक गुट ने ट्रैक्टर परेड को दोपहर 12 बजे के बजाए सुबह से शुरू कर दिया था।

याचिका में कहा है कि इतनी सूचनाएं होने के बाद भी दिल्ली पुलिस और इंटेलिजेंस ने समय रहते कदम नहीं उठाया। दिल्ली पुलिस की विफलता के कारण हजारों ट्रैक्टर दिल्ली में लाल किला तक पहुंत गए और वहां पर न सिर्फ उपद्रव मचाया, बल्कि धार्मिक झंडे को भी फहराया। याचिका में इसके लिए गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस की विफलता को जिम्मेदार ठहराया गया है। साथ ही  इसके लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका में अधिकारियों की इस घटना के लिए जवाबदेही तय करने की भी मांग की गई है।

 

 

 

 

सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि संपत्ति का अधिकार एक मूल्यवान संवैधानिक अधिकार है।सुप्रीम कोर्ट ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े बेंगलूरू राज्य के 33 साल पुराने मामले में मालिक को उसकी जमीन वापस दिलवाई है। सुप्रीमकोर्ट ने तीन महीने में केंद्र सरकार को जमीन वापस करने के आदेश दिए है। कोर्ट ने कहा कि सरका यह नहीं कह सकती कि उन्हें किसी भी कानून के बिना किसी की संपत्ति पर कब्जा करने का अधिकार है। किसी भी कानून के बिना सरकार को किसी संपत्ति पर अधिकार जारी रखने की अनुमति देना अराजकता को माफ करने जैसा है। अदालत की भूमिका लोगों की स्वतंत्रता की सुरक्षा करने और चौकन्ने रक्षक के रूप में कार्य करने की है। जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस एस.रवींद्र भट ने ये फैसला सुनाया।

 

पति-पत्नी को गाँजा रखने पर गिरफ़्तार किया था एनसीबी ने, ज़मानत अर्ज़ी पर सोमवार को होगी सुनवाई 

ड्रग्स मामले में गिरफ़्तार टीवी कॉमेडियन भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिंबाचिया को रविवार को मुंबई की अदालत ने 4 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजा दिया। घर से गांजा बरामद होने पर रविवार को भारती सिंह और उनके पति हर्ष को मुंबई की अदालत में पेश किया गया था।एनसीबी ने हर्ष लिंबाचिया को रविवार सुबह गिरफ्तार किया था जबकि भारती को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था।

बॉलीवुड में ड्रग्स के खिलाफ जारी एनसीबी की जांच की आंच में अब कॉमेडियन भारती सिंह भी घिर गई जिन्हें को गिरफ्तार किया गया, इसके बाद उनके पति हर्ष लिंबाचिया को भी गिरफ्तार कर लिया। एनसीबी ने भारती सिंह के उपनगरीय इलाके अंधेरी में उनके घर से गांजा बरामद होने के बाद गिरफ्तार कर किया। पति हर्ष लिंबाचिया की गिरफ्तारी के बाद  एनसीबी के जोनल निदेशक समीर वानखेड़े ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि उनके खिलाफ ड्रग्स सेवन करने के आरोप लगे हैं।

उत्तराखंड के हरिद्वार में सरकारी ज़मीन पर बने धार्मिक स्थलों को हटाने का मामला...सुप्रीम कोर्ट ने बाकी बचे चार धार्मिक स्थलों को हटाने के लिये 31मई 2021 तक का समय दिया ... उत्तराखंड हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए ये आदेश दिया था कि हरिद्वार में सार्वजनिक स्थलों पर बने इन धार्मिक स्थलों को हटाया जाए।राज्य सरकार के आगामी कुंभ मेले को देखते हुए समय की मांग की थी।

सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट पौलॉमी पाविनी शुक्ला ने लखनऊ में प्राग नारायण मार्ग स्थित राजकीय अनाथालय में अनाथ बच्चों के साथ दीपावली मनाई। इस अवसर पर उनके साथ उनके पति प्रशांत शर्मा, आई० ए० एस० भी उपस्थित थे जिन्होंने अनाथ बच्चों के बीच मिठाई, चॉकलेट और बच्चों को स्वेटर व गर्म कपड़े भी वितरित किए। श्रीमती पौलॉमी और उनके पति प्रशांत शर्मा कई वर्षों से सभी त्यौहार अनाथालयों में जाकर बच्चों के साथ मनाते हैं।

लोग समझते हैं कि वे सुप्रीम कोर्ट के बारे मे सीधे कुछ भी कह सकते हैं, लेकिन अभिव्यक्ति की आजादी अवमानना कानून के आधीन है !

Attorney General gives consent to initiate criminal contempt of supreme court proceedings against stand up comic artist kunal kamra for his tweets on Supreme Court in the wake of bail granted to ArnabGoswami. The AG gave consent on the letter petition filed by law student. AG states that tweets by Kamra were highly objectionable.

Interim bail to Arnab Goswami granted by SC, orders immediate release of Arnab and two others, arrested in 2018 suicide case. Supreme Court says the Bombay High Court order not granting interim bail was incorrect.

सुप्रीम कोर्ट ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर अर्णब गोस्वामी को जमानत दी।

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